समय के साथ, रैम की तकनीक भी विकसित हुई है, और आज विभिन्न प्रकार के रैम उपलब्ध हैं। SIMM भी एक प्रकार का रैम है। इस लेख में, हम SIMM के बारे में बारे जानेंगे।
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SIMM क्या है?
SIMM का पूरा नाम single in-line memory module है। यह एक प्रकार का मेमोरी मॉड्यूल है, जिसे पर्सनल कम्प्यूटरों में रैम के लिए प्रयोग किया जाता है। जिसमें कई मेमोरी चिप्स होते हैं जो डेटा स्टोर करने के लिए एक साथ काम करते हैं। “सिंगल इन-लाइन” का मतलब है एक सर्किट बोर्ड पर एक लाइन में व्यवस्थित मेमोरी चिप्स।
पहले SIMM सॉकेट पारम्परिक बुश प्रकार सॉकेट होते थे। इनकी जगह ZIF (Zero insertion force) सॉकेटों ने ले ली जिसमें SIMM को लगा कर तब तक घुमाया जाता है, जब तक की यह अपनी जगह पर पूरी तरह फिट नहीं हो जाता। SIMM को इनस्टॉल करने के लिए मॉड्यूल को सॉकेट में एक कोण पर स्थित किया जाता है तथा उसे उसी स्थिति में घुमाया जाता है। उसे हटाने के लिए दो धातु अथवा प्लास्टिक के क्लिपों को प्रत्येक छोर पर उसी ओर से खींचा जाता है फिर SIMM को पीछे झुकाकर बहार निकला जाता है।
SIMM के प्रकार
SIMM दो प्रकार के होते हैं: 30-पिन SIMM और 72-पिन SIMM। 30-पिन SIMM को सबसे पहले पेश किया गया था और आमतौर पर शुरुआती पर्सनल कंप्यूटरों में उपयोग किया जाता था। दूसरी ओर, 72-पिन SIMM को बाद में पेश किया गया था जिसके बाद से अधिकांश डेस्कटॉप कंप्यूटरों में 72-pin SIMM उपयोग किया जानें लगा।
SIMM का इतिहास
SIMM तकनीक को 1980 के दशक के अंत में पेश किया गया था। SIMM का उपयोग शुरुआती पर्सनल कंप्यूटरों में किया जाता था, जैसे कि आईबीएम पीएस / 2, और बाद में अधिकांश डेस्कटॉप कंप्यूटरों के मेमोरी मॉड्यूल के रूप में इस्तेमाल किया जानें लगा। हालांकि, तकनीक के विकास कसे, SIMM की जगह धीरे-धीरे आधुनिक मेमोरी मॉड्यूल जैसे DIMM और SODIMM ने लिया।
SIMM कैसे काम करता है?
SIMM तकनीक सर्किट बोर्ड पर लगाई गई मेमोरी चिप्स में डेटा संग्रहीत करके काम करती है। प्रत्येक SIMM मॉड्यूल में मेमोरी की एक विशिष्ट मात्रा होती है, जो कुछ मेगाबाइट तक होती है। मेमोरी चिप्स एक विशिष्ट पैटर्न में व्यवस्थित तरीके से होते है, और डेटा को डेटा बस के माध्यम से सीपीयू द्वारा एक्सेस किया जाता है।
SIMM के उपयोग
SIMM तकनीक मुख्य रूप से डेस्कटॉप कंप्यूटर में अस्थायी रूप से डेटा संग्रहीत करने के लिए उपयोग किया गया था। उनका उपयोग ऑपरेटिंग सिस्टम फ़ाइलों, एप्लिकेशन डेटा और उपयोगकर्ता डेटा जैसे डेटा को संग्रहीत करने के लिए किया जाता था। हालांकि, इसकी जगह बाद में DIMM ने ले लिया।
SIMM और DIMM में अंतर
SIMM और DIMM दोनों कंप्यूटर सिस्टम में उपयोग किये जाने वाले मेमोरी मॉड्यूल के प्रकार हैं। हालांकि, SIMM DIMM की तुलना में पुराना हैं। SIMM में मेमोरी चिप्स की केवल एक पंक्ति होती है, जबकि DIMM में मेमोरी चिप्स की दो पंक्तियां होती हैं, जो की DIMM को उच्च गति पर डेटा ट्रांसफर करने की अनुमति देती हैं।
DIMM का पूर्ण रूप dual in-line memory module होता है। इसमें रैम एकीकृत सर्किट की एक शृंखला शामिल होती है। ये मॉड्यूल एक सर्किट बोर्ड पर छपे हुए होते है तथा पर्सनल कम्प्यूटरों में उपयोग के लिए डिज़ाइन किये जाते है।
SIMM तथा DIMM में मुख्य अंतर यह है की SIMM में 32 bit डाटा चैनल होते है जबकि DIMM में 64 bit डाटा चैनल होते है।
SIMM | DIMM |
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SIMM का पूरा नाम single in-line memory module है। | DIMM का पूरा नाम dual in-line memory module है। |
इसमें 32 bit डाटा चैनल होता है | इसमें 64 bit डाटा चैनल होता है। |
इसमें मापांक के प्रत्येक छोर पर विद्युत् संपर्क अनावश्यक होते है। | इसमें मापांक के प्रत्येक छोर पर अलग अलग विद्युतीय संपर्क होता है। |
निष्कर्ष
SIMM तकनीक ने कंप्यूटर मेमोरी के विकास में महत्वपूर्णभूमिका निभाया। यद्यपि SIMM अब लगभग डेस्कटॉप कंप्यूटरों पर मेमोरी मॉड्यूल के रूप में उपयोग नहीं किये जाते हैं, फिर भी उनके अपने फायदे और उपयोग हैं, खासकर पुराने कंप्यूटर सिस्टम में।
FAQs
SIMM का पूरा नाम सिंगल इनलाइन मेमोरी मॉड्यूल है।
SIMM में मेमोरी चिप्स की केवल एक पंक्ति होती है, जबकि DIMM में मेमोरी चिप्स की दो पंक्तियाँ होती हैं।
SIMM दो प्रकार के होते है 30-पिन SIMM और 72-पिन SIMM.
डेटा को अस्थायी रूप से संग्रहीत करना, जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम फ़ाइलें, एप्लिकेशन डेटा और उपयोगकर्ता डेटा के लिए उपयोग किया जाता है।