वायरलेस कम्युनिकेशन क्या है? और इसके प्रकार

वायरलेस कम्युनिकेशन क्या है?

डाटा शेयर करने के लिए Wi-Fi, Bluetooth, Network एवं सॉफ्टवेयर और मोबाइल एप्स का उपयोग किया जाता है, फोटो, वीडियो, म्यूजिक, फाइल्स जैसे किसी भी प्रकार के डाटा को बिना केबल के जरिए एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस में भेजना या फिर वायरलेस डेटा की लेनदेन करना आज के समय में काफी आसान हो चुका है, डाटा ट्रांसफर करने का यह तरीका वायरलेस कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी के कारण ही संभव है।

इस लेख के माध्यम से आप जानेंगे कि वायरलेस कम्युनिकेशन क्या है, वायरलेस टेक्नोलॉजी के कितने प्रकार हैं और आज के युग की सबसे तेज वायरलेस संचार माध्यम कौन सी है।

वायरलेस कम्युनिकेशन क्या है?

वायरलेस कम्युनिकेशन को हिंदी में बेतार संचार प्रणाली भी कहते हैं। इस तकनीक में बिना केबल और तार के जरिए Radio frequency और Infrarays की मदद से डाटा को एक स्थान से दूसरे स्थान एवं एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस में भेजा जाता है। इंटरनेट उपयोग करना, डाटा शेयर करना या फिर वॉइस कॉल करना इत्यादि इन सभी तकनीकों में वायरलेस कम्युनिकेशन तकनीक का प्रयोग होता है।

डाटा केबल का खर्चीला होना एवं रख-रखाव की समस्या के कारण विभिन्न कंप्यूटर सिस्टम और इंटरनेट डिवाइस को नेटवर्क से जोड़ने के लिए वायरलेस टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा रहा है। इसमें रेडियो तरंगों (RF) और अवरत्क किरणों (Infrarays) का उपयोग कर कम दूरी के लिए नेटवर्क स्थापित किया जाता है।

Wireless Communication के उदाहरण

  • Global position system (GPS)
  • Cellular communication
  • Television broadcasting
  • Radar communication
  • Radio
  • Wi-Fi
  • Bluetooth
  • Light fidelity (Li-Fi)
  • Wireless access point

वायरलेस कम्युनिकेशन के प्रकार

वायरलेस तकनीक के कई सारे प्रकार है, हमने कुछ चुनिंदा प्रकारों का वर्णन किया है जिनका उपयोग हम रोजमर्रा की जीवन में करते हैं –

Wi-Fi

वाई-फाई का पूरा नाम wireless fidelity हैं, यह एक वायरलेस और बेतार तकनीक मानक है। जिसका उपयोग वॉयरलैस लोकल एरिया नेटवर्क (WLAN) तैयार करने में किया जाता हैं। इसके द्वारा कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन तथा अन्य इंटरनेट से चलने वाले उपकरणों को वायरलेस तकनीक द्वारा 100 मीटर की दूरी तक आपस में तथा इंटरनेट से जोड़ा जाता हैं। इसके अलावा, वाई-फाई एक अंतरराष्ट्रीय संगठन वाई-फाई एलायंस का ट्रेडमार्क है।

Bluetooth

यह एक वायरलेस प्रौद्योगिकी मानक है, जिसके द्वारा छोटे वेबलेंथ की रेडियो तरंगों का प्रयोग करके कम दूरी (100 मीटर) तक डेटा के आदान-प्रदान को सक्षम बनाया जाता है। ब्लूटूथ तकनीक में 2.4 GHz से लेकर 5.0 GHz के बीच की रेडियो तरंगों का प्रयोग किया जाता है। ब्लूटूथ की सहायता से कंप्यूटर के विभिन्न उपकरणों जैसे प्रिंटर, माउस, हेडफोन, की-बोर्ड, मॉडेम आदि को केबल के बिना आपस में वायरलेस जोड़ा जाता है।

ब्लूटूथ टेक्नोलॉजी के मदद से कम दूरी पर स्थित दो या दो से अधिक कंप्यूटरों को आपस में जोड़ कर वायरलेस पर्सनल एरिया नेटवर्क भी बनाया जा सकता है। इस तकनीक के द्वारा मोबाइल फोन की सहायता से कंप्यूटर को इंटरनेट से जोड़ा जा सकता है।

Li-Fi

Li-Fi का पूरा नाम Light Fidelity हैं, यह उच्च गति से संचार प्रदान करने वाला वायरलेस संचार तकनीक मानक (wireless technology standard) है जो डाटा के आदान-प्रदान के लिए visible light communication का उपयोग करता है। इस तकनीक में डाटा भेजने के लिए light emitting diode (LED) एवं डाटा प्राप्त करने के लिए Photo diode का इस्तेमाल किया जाता है।

Cellular communication

सेल्यूलर ट्रांसमिशन एक रेडियो नेटवर्क है जिसका इस्तेमाल हम सेल फोन में करते हैं, यह नेटवर्क लैंड एरिया में डिस्टर्ब होता है। बड़े-बड़े टॉवर्स के मदद से रेडियो सिग्नल को विभिन्न जगहों में भेजा जाता है, यूजर स्मार्टफोन और सेल फोन की मदद से इस नेटवर्क से जुड़ कर वायरलेस नेटवर्क का निर्माण करता है एवं एक स्मार्टफोन को दूसरे स्मार्टफोन से वायरलेस जुड़ सकता है।

GPS

GPS का पूरा नाम Global Positioning System है, यह एक navigation satellite system है जोकि रेडियो फ्रिकवेंसी और इंफ्रारेज की मदद से नेटवर्क डिवाइस की लोकेशन को ट्रेस कर सकता है, यह स्मार्टफोन, लैपटॉप, तथा अन्य नेटवर्क डिवाइस में पहले से उपलब्ध रहता है GPS की मदद से वायरलेस किसी के भी लोकेशन का पता लगाया जा सकता है।

सबसे तेज वायरलेस टेक्नोलॉजी

वर्तमान में 5G दुनिया की सबसे तेज वायरलेस कम्युनिकेशन तकनीक है, यह 5th जनरेशन वायरलेस ब्रॉडबैंड मोबाइल तकनीक उच्च गति से संचार प्रदान करने वाला तकनीक मानक है। इसमें फ्रिकवेंसी डिविजन मल्टीप्लेक्सिंग तथा Long term evolution टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जाता है।

इस तकनीक में डाटा ट्रांसफर करने के लिए तथा प्राप्त करने के लिए TCP/IP प्रोटोकॉल का उपयोग किया जाता है। बातचीत करने के लिए Voice over long term evolution टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाता हैं। 5G नेटवर्क की अधिकतम रफ्तार 10Gb/s हैं।

वायरलेस टेक्नोलॉजी के फायदे (Benifits of wireless technology)

  • वायरलेस नेटवर्क सस्ते हैं।
  • यह तेज गति से कार्य करते हैं।
  • डेटा साझा करने में आसानी।
  • वायरलेस नेटवर्क को किसी केबल या तारों की आवश्यकता नहीं होती हैं।
  • संचार तब भी संभव है जब उपयोगकर्ता चल रहा हो या किसी दूसरे स्थान पर हो।
  • लंबी दूरी तक कनेक्टिविटी।
  • वायरलेस नेटवर्क को आसानी से और तेजी से स्थापित किया जा सकता है।

विश्व की पहली वायरलेस तकनीक (first wireless technology)

दुनिया की पहली वायरलेस संचार तकनीक का नाम वायरलेस टेलीग्राफ सिस्टम है, जिसका अविष्कार गुल्येल्मो मार्कोनी (Guglielmo Marconi) नाम के वैज्ञानिक ने किया था। मार्कोनी ने अपने अविष्कार वायरलेस टेलीग्राफ सिस्टम का प्रदर्शन पहली बार ब्रिटिश सरकार के लिए साल 1886 के जुलाई महीने में किया था। जबकि इसका सफल परिक्षण उन्होंने 13 मई 1897 को किया। इस उपकरण की सहायता से समुद्र में 6 किमी की दूरी तक वायरलेस संदेश संचार किया जा सकता था।

Wireless F&Q

विश्व की पहली वायरलेस कम्युनिकेशन तकनीक का नाम क्या है?

विश्व की पहली वायरलेस तकनीक का नाम वायरलेस टेलीग्राफ सिस्टम हैं।

पहली वायरलेस तकनीक का निर्माण कब हुआ?

पहली वायरलेस तकनीक का निर्माण सन् 1896 में मेंगुग्लील्मो मार्कोनी नाम के वैज्ञानिक द्वारा हुआ।

दुनिया की सबसे तेज वायरलेस तकनीक कौन सी है?

5G दुनिया की सबसे तेज वायरलेस टेक्नोलॉजी है, इसकी अधिकतम रफ्तार 10Gbps हैं।

वायरलेस प्रौद्योगिकी उपकरणों के नाम?

Radio, Wi-Fi, Bluetooth, Light fidelity (Li-Fi), Wireless access point, etc.

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