VPN क्या है? कैसे काम करता है और इसके प्रकार

वीपीएन एक ऐसी सेवा है जो सुरक्षित और निजी तौर पर इंटरनेट का इस्तेमाल व ब्राउज़िंग करने की सुविधा देती है। ये उपयोगकर्ता को सार्वजनिक नेटवर्क का उपयोग करके एक निजी नेटवर्क से जोड़ता है, जैसे कि कंपनी का आंतरिक नेटवर्क। तो आइये वीपीएन नेटवर्क के बारे में विस्तार से जाने।

वीपीएन क्या है?

VPN का पूरा नाम वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क है। एक वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) सार्वजनिक नेटवर्क (इंटरनेट) के माध्यम से निजी नेटवर्क का विस्तार करने का तरीका है। यह उपयोगकर्ता की जानकारियों व डेटा की सुरक्षा के लिए उसे एन्क्रिप्ट करके एक सुरक्षित VPN यानी एन्क्रिप्टेड टनल के माध्यम से रूट करता है, जिसमे से होकर इंटरनेट के सभी ट्रैफिक और संचार गुजरते है।

इस तरह अगर आप जब भी वीपीएन से जुड़े हुए होते है तो आप सीधे प्राइवेट नेटवर्क से जुड़े होते है। जिसके कारण आपके इंटरनेट सेवा प्रदाता यानि ISP को भी पता नहीं चल पता की आप इंटरनेट पर किस तरह की सामग्रियों को देख रहे है, कौन से ऐप इस्तेमाल करते है, कौनसे वेबसाइट पर विजिट करते है, क्या भेज और क्या रिसीव कर रहे है।

ऐसा समझा जाता है की VPN का इस्तेमाल करने से इंटरनेट की गति कम हो सकती है। क्योकि वीपीएन नेटवर्क की अधिक सुरक्षा के लिए एन्क्रिप्शन करता है जो कि लेटेंसी को बढ़ा देता है, जिसके कारण इंटरनेट की गति थोड़ी धीमी हो सकती है।

वीपीएन कैसे काम करता है?

वीपीएन सेवा उपयोगकर्ता को ऑनलाइन गोपनीयता और सुरक्षा प्रदान करने के लिए नेटवर्क में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन पद्धति का उपयोग करता है। इसके लिए VPN में VPN प्रोटोकॉल का इस्तेमाल किया जाता है जो की यह तय करता है की आपका डाटा आपके डिवाइस और वीपीएन सर्वर के बीच किस तरह से सुरक्षित रूट हो। अर्थात यह VPN सेवाएं स्थिर और सुरक्षित कनेक्शन के लिए VPN प्रोटोकॉल पर निर्भर होते है।

उदहारण के तौर पर VPN कनेक्शन स्थापित करने के लिए ज्यादातर सबसे लोकप्रिय तकनीक पीपीटीपी यानि पॉइंट-टू-पॉइंट टनलिंग प्रोटोकॉल का प्रयोग किया जाता है। यह डेटा और जानकारियों को एक एन्क्रिप्टेड सुरंग यानि VPN टनल के माध्यम से रूट करता है, इसलिए कोई भी यह नहीं देख सकता कि आप इंटरनेट पर किस तरह की गतिविधियाँ कर रहे हैं क्योकि आपकी पहचान एक तरह से छिपी होती है। मानलो अगर हैकर्स ने आपके एन्क्रिप्टेड ट्रैफ़िक को इंटरसेप्ट भी कर लिया हो, फिर भी वो आपकी जानकारियों और डाटा सामग्री को नहीं देख पाएंगे।

VPN प्रोटोकॉल क्या है?

वीपीएन प्रोटोकॉल नियमों का समूह है जो वीपीएन सर्वर और डाटा में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन लागू करता है तथा यह निर्धारित करता है की वीपीएन पर डेटा पैकेट कैसे प्रसारित किए जाते हैं। अलग अलग प्रकार के प्रोटोकॉल की अलग अलग खासियतें होती है जैसे कई प्रोटोकॉल डाटा संचार की गति को प्राथमिकता देते है तो कई डाटा पैकेट्स की सुरक्षा और गोपनीयता के लिए मास्किंग और एन्क्रिप्शन जैसे मानकों को प्राथमिकता देते है।

VPN प्रोटोकॉल के प्रकार

VPN में प्रयोग होने वाले प्रोटोकॉल तकनीक सक्रिय VPN कनेक्शन में अलग अलग तरह के एन्क्रिप्शन मानकों की सुविधा देता है तथा डिवाइस और सर्वर के मध्य डाटा का संचार करता है। जिसका अर्थ यह है की ये डाटा को उपयोगकर्ता से सर्वर और सर्वर से उपयोगकर्ता तक सुरक्षित संचार करने के लिए उत्तरदायी होता है।

VPN प्रदाताओं द्वारा सबसे प्रयोग किये जाने वाले प्रोटोकॉल निम्न है :

  1. OpenVPN
  2. L2TP/IPSec
  3. SSTP
  4. IKEv2
  5. PPTP
  6. Wireguard

VPN के प्रकार

वीपीएन के कई अलग-अलग प्रकार हैं, लेकिन उन सभी में एक चीज समान है: वे आपको इंटरनेट पर एक एन्क्रिप्टेड कनेक्शन बनाते है यानि एक असुरक्षित नेटवर्क (जैसे इंटरनेट) पर दो बिंदुओं के बीच एक सुरक्षित कनेक्शन बनाना।

VPN मुख्य रूप से दो प्रकार के होते है

  • रिमोट एक्सेस VPN : रिमोट एक्सेस वीपीएन को व्यक्तिगत या व्यापारिक कार्यों दोनों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। यह उपयोगकर्ता को प्राइवेट नेटवर्क से जोड़कर उसे इसकी सभी सुविधाओं का इस्तेमाल करने की सुविधा देता है। उपयोगकर्ता और प्राइवेट नेटवर्क के मध्य इंटरनेट पर कनेक्शन सुरक्षित और गोपनीय होता है।
  • साइट टू साइट VPN : साइट-टू-साइट वीपीएन का उपयोग तब किया जाता है जब बड़ी बड़ी कंपनियों के कई कार्यालयों को एक साथ जोड़ने की आवश्यकता होती है, जैसे कि सभी कार्यालय अलग-अलग स्थान पर हों।

वीपीएन का इस्तेमाल क्यों करते हैं?

वीपीएन मुख्य रूप से दो कारणों से उपयोग किए जाते हैं: सुरक्षा और गोपनीयता। एक वीपीएन आपके डेटा की सुरक्षा करेगा, जिसका अर्थ है कि अगर कोई आपके ट्रैफ़िक को इंटरसेप्ट भी करता है, तो भी वे उसे पढ़ नहीं पाएंगे। बैंकिंग विवरण या पासवर्ड जैसी संवेदनशील जानकारी के लिए यह महत्वपूर्ण है।

वीपीएन का उपयोग अक्सर बड़े निगमों या कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को कंपनी के संसाधनों तक सुरक्षित रूप से पहुंचने के लिए किया जाता है। यह एक बाहरी सर्वर के माध्यम से इंटरनेट ट्रैफिक को रुट करके किया जा जाता है, उसके बाद अपने स्थान से कनेक्शन को अग्रेषित करता है।

वीपीएन का इस्तेमाल व्यक्तिगत उपयोग के लिए भी किया जाता है, जैसे की गोपनीयता और सुरक्षा को जोखिम में डाले बिना सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क का उपयोग करने के लिए, सेंसरशिप को बायपास करने, या क्षेत्र-प्रतिबंधित वेबसाइटों और सेवाओं तक पहुँचने के लिए।

जब आप सार्वजनिक वाई-फ़ाई नेटवर्क से कनेक्ट होते हैं, जैसे कि कैफ़े या हवाई अड्डे से, तो VPN आपको हैकर्स से भी बचा सकता है। एन्क्रिप्शन उन्हें आपके किसी भी व्यक्तिगत डेटा को इंटरसेप्ट करने या पढ़ने में सक्षम होने से रोकता है, जिससे वे क्रेडिट कार्ड नंबर या पासवर्ड जैसी चीजें चुरा सकते हैं।

वीपीएन का उपयोग ज्यादातर वे लोग करते हैं जो इंटरनेट ब्राउज़ करते समय अपनी गोपनीयता की रक्षा करना चाहते हैं या जो सख्त सेंसरशिप कानूनों वाले देशों में रहते हैं जंहा इंटरनेट पर अधिकतर चीजे प्रतिबंधित होती है।

वीपीएन उपयोग करने फायदे

एक वीपीएन उपयोगकर्ताओं को सार्वजनिक नेटवर्क पर डेटा भेजने और प्राप्त करने की प्रक्रिया को सुरक्षित बनाता है क्योकि ये कंप्यूटर और मोबाइल जैसे डिवाइस को निजी नेटवर्क से जोड़ता है। वीपीएन लगभग दशकों से हैं और व्यवसायों, सरकारों और लोगों द्वारा समान रूप से उपयोग किए जाते हैं। वीपीएन का उपयोग करने के कई लाभ हैं, लेकिन कुछ प्रमुख बिंदु हैं जिनके कारण VPN इस्तेमाल किये जाते है।

  • वीपीएन आपके इंटरनेट कनेक्शन को हैक होने से बचाता है। यह उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो सार्वजनिक वाई-फाई वातावरण में या सार्वजनिक इंटरनेट पर काम करते हैं।
  • एक वीपीएन का उपयोग किसी भी देश में सेंसरशिप को बायपास करने के लिए किया जा सकता है। जहां कुछ वेबसाइटों तक पहुंच प्रतिबंधित है।
  • वीपीएन का उपयोग इंटरनेट पर प्रतिबंधित सामग्री तक पहुंचने के वैकल्पिक तरीके के रूप में भी किया जा सकता है।
  • वीपीएन का उपयोग बड़े बड़े निगमों और कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को कंपनी के संसाधनों तक सुरक्षित रूप से पहुंचने के लिए किया जाता है।
  • VPN के इस्तेमाल से IP एड्रेस को छुपाया जा सकता है।

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