Power-On Self-Test (POST) क्या है? – What is POST in hindi?

Power-On Self-Test (POST) kya hai

POST का पूरा नाम Power on Self-Test है। जब bios computer को बूट करता है तब पोस्ट काम करता है। पोस्ट एक built-in डायग्नोस्टिक प्रोग्राम है, जो कंप्यूटर के सभी हार्डवेयर कंपोनेंट की जांच करता है, जब कंप्यूटर को चालू किया जाता है तब सबसे पहले पोस्ट की प्रक्रिया कार्य करती है, इस प्रक्रिया में पोस्ट यह जांच करता है कि कंप्यूटर के सारे हार्डवेयर कंपोनेंट ठीक तरह से कार्य कर रहे हैं या नहीं।

प्रोसेसर, ग्राफिक कार्ड, रैम, हार्ड डिस्क, मदरबोर्ड जैसे अन्य हार्डवेयर कंपोनेंट की जांच POST करता है। यदि कंप्यूटर में किसी भी प्रकार की error उत्पन्न होती है तो POST इसकी सूचना मॉनिटर पर डिस्प्ले करता है या फिर एक error बीप साउंड देता हैं, जिसकी मदद से error को ठीक किया जा सकता हैं।

इसके अलावा Power on Self-Test बॉयोस का एक फंक्शन है जोकि कंप्यूटर बूटिंग प्रोसेस के दौरान काम करता हैं। POST का प्रोग्राम बॉयोस के अंदर हमेशा firmware के रूप में स्टोर रहता हैं इस प्रोग्राम को एक आम आदमी के द्वारा डिलीट या रिप्लेस नहीं किया जा सकता हैं।

Booting Process क्या है?

कंप्यूटर का पावर ऑन करने के बाद सभी हार्डवेयर कंपोनेंट की जांच करना एवं ऑपरेटिंग सिस्टम को रैम में लोड करना इसके बाद कंप्यूटर का पूरी तरह से चालू हो जाना, इस पूरे प्रोसेस को बूटिंग प्रोसेस कहते है। बूटिंग प्रोसेस एक प्रोग्राम है जो कि बॉयोस के द्वारा कार्य करता है। कंप्यूटर बूटिंग के प्रोसेस में बॉयोस के चार फंक्शन काम करते है POST, Bootstrap loader, software & drivers, cmos setup.

POST क्यों महत्वपूर्ण है (why post is important)

जब कंप्यूटर को चालू किया जाता है तब Power on Self-Test के द्वारा हार्डवेयर कंपोनेंट की जांच की जाति है अगर कंप्यूटर में POST का प्रोसेस ना हो तो कंप्यूटर तुरंत चालू होने की कोशिश करेगा, इस प्रोसेस में कंप्यूटर के हार्डवेयर कंपोनेंट की जांच नहीं हो पाएगी जिसके वजह से कौन सा कंपोनेंट काम कर रहा है और कौन सा कंपोनेंट काम नहीं कर रहा है यह पता लगाना मुश्किल होगा।

अगर कंप्यूटर में POST के बिना ऑपरेटिंग सिस्टम को लोड कर दिया जाए तो इससे कंप्यूटर के हार्डवेयर कंपोनेंट खराब हो सकते हैं साथी ऑपरेटिंग सिस्टम क्रैश भी हो सकता है इसलिए कंप्यूटर में Power on Self-Test कि महत्वपूर्ण भूमिका हैं।

POST के फायदे (Advantages of POST)

POST कंप्यूटर को चालू करने में मदद करता है साथी कंप्यूटर के सारे हार्डवेयर कंपोनेंट को चेक करता है जिसके माध्यम से हार्डवेयर कंपोनेंट की जांच होती है, इस जांच से यह पता चलता है कि कौन सा कंपोनेंट खराब है और कौन सा कंपोनेंट ठीक है।

अगर कंप्यूटर का कोई हार्डवेयर कंपोनेंट खराब हो जाता है तो POST उस खराब कंपोनेंट का error डिस्प्ले में दिखा देता है, POST ऑपरेटिंग सिस्टम को क्रैश होने से बचाता है। हार्डवेयर कंपोनेंट के खराब होने पर POST कंप्यूटर को चालू नहीं करता है जिसके कारण ऑपरेटिंग सिस्टम क्रैश होने से बच जाता हैं।

POST F&Q

POST का फुल फॉर्म क्या है?

POST का फुल फॉर्म Power on Self-Test है।

POST क्या करता है?

POST कंप्यूटर के सारे हार्डवेयर कंपोनेंट की जांच करता है।

POST का प्रोग्राम कहां स्टोर रहता है?

POST का प्रोग्राम बॉयोस के अंदर स्टोर रहता है।

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