ग्राफिकल यूजर इंटरफेस (GUI) क्या है?

GUI के बारे में जाननें से पहले हमें यह समझना होगा की कंप्यूटर कैसे काम करता है। एक कंप्यूटर डेटा को संसाधित (Process) करने के लिए बाइनरी कोड का उपयोग करते हैं। और बाइनरी कोड 1 और 0 से बना होता है।

ये 1 और 0 संख्याओं का प्रतिनिधित्व (representation) करते हैं। चीजों को पढ़ने में आसान बनाने के लिए, इन संख्याओं को अक्षरों के साथ दर्शाया जाता है। इसलिए हम बाइनरी कोड लिखने के बजाय सीधे अक्षर लिखते है।

वर्तमान में हमारे दैनिक जीवन में प्रयोग होने लगभग सभी उपकरणों के यूजर इंटरफेस (यूआई) सामान्य रूप से एक ग्राफिकल इंटरफेस होता है जो लोगों को उन उपकरणों के साथ बातचीत या इंटरैक्ट करने में सरलता प्रदान करती है।

आज इस लेख के माध्यम से आप जानेंगे की GUI क्या है और यह किस प्रतिरूप पर कार्य करता है। तथा इसने प्रौद्योगिकी के साथ हमारे अनुभव को कैसे सुगम किया है।

ग्राफिकल यूजर इंटरफ़ेस (GUI) क्या है?

आज, GUI किसी भी कंप्यूटिंग डिवाइस के सबसे महत्वपूर्ण भागों में से एक है क्योंकि यह मुख्य तरीका है जिससे उपयोगकर्ता कंप्यूटर के साथ इंटरैक्ट करते हैं। आपमें से अधिकतर जीयूआई से परिचित होंगे, क्योंकि ये वही हैं जो आप अपने फोन, टैबलेट या कंप्यूटर का उपयोग करते समय देखते हैं और बिना निर्देश के उनका उपयोग करना आसानी से जान जाते हैं।

GUI को विस्तृत रूप में ग्राफिकल यूजर इंटरफ़ेस कहा जाता है। यह एक प्रकार का कंप्यूटर सॉफ्टवेयर है जो उपयोगकर्ताओं को बटन, मेनू, स्क्रॉल बार आदि जैसे दृश्य तत्वों का उपयोग करके कंप्यूटर को नियंत्रित करने की सुविधा देता है। GUI आमतौर पर एक विंडो, एक टूलबार और एक वैकल्पिक स्टेटस बार से बना होता है। इसमें आइकन, स्क्रॉलबार, ड्रॉप-डाउन बॉक्स या स्लाइडर्स जैसे अन्य तत्व शामिल हो सकते हैं।

जिस तरह ऑफिस डेस्कटॉप पर विभिन्न फाइल , फोल्डर , पेपर आदि रखे होते है। इसी तरह स्क्रीन के वर्क स्पेस में कई ग्राफ़िक्स जिस तरह ऑफिस फाइल विभिन्न विभाग व विभिन्न विषय से सम्बंधित होते है। उसी तरह यहाँ भी विभिन्न विंडो अलग अलग कार्यो के लिए होती है। फाइल की तरह कई विंडो भी साथ साथ ओपन व क्लोज की जा सकती है।

इसके अलावा विंडो को आइकॉन में बदला जा सकता है। जब एक विंडो का ज्यादा उपयोग नहीं हो , तो उसे एक आइकॉन या सिंबल में बदल दिया जाता है , जो छोटे रूप में उस विंडो को डिस्प्ले करता है। GUI में स्क्रीन पर माउस की सहायता से मूव करने वाला एक पॉइंटर होता है। जिनकी तुलना ऑफिस यूजर के हाथ से की जा सकती है। GUI के सारे कार्य उसी पॉइंटर की सहायता से माउस बटन को क्लिक करके किया जाता है। डेस्कटॉप , विंडो, आइकॉन, माउस, पॉइंटर, आदि GUI की ख़ास पहचान है।

कमांड लाइन इंटरफेस की तुलना में ग्राफिकल यूजर इंटरफेस का उपयोग करना अक्सर आसान होता है क्योंकि वे आपको कमांड टाइप करने के बजाय अपने माउस या कीबोर्ड का उपयोग करके उनके साथ इंटरैक्ट करने की सुविधा देते हैं। GUI को उपयोगकर्ताओं के लिए कंप्यूटर और एलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ इंटरैक्ट करना आसान बनाने के लिए डिज़ाइन किया जाता है।

GUI कैसे काम करता है?

यूजर इंटरफेस कंप्यूटर सिस्टम का सबसे जरुरी हिस्सा है जो उपयोगकर्ताओं को कमांड दर्ज करने, जानकारी देखने और फीडबैक प्राप्त करने की सुविधा देता है। GUI आमतौर पर WIMP (Windows, Icons, Menus, और Pointers) मॉडल का उपयोग करता है या मानव-कंप्यूटर इंटरैक्शन के मॉडल के आसपास बनाया जाता है।

WIMP अवधारणा (concept) उपयोगकर्ताओं को एक इंटरैक्टिव प्रक्रिया में संलग्न करती है जो सूचनाओं को क्रियाओं में बदलने की ओर ले जाती है। उदाहरण के लिए, विंडोज एक्सप्लोरर का उपयोग करते समय फ़ाइलों को खींच कर एक फ़ोल्डर में छोड़ सकते है।

डेस्कटॉप यूजर इंटरफेस (GUI) आधुनिक कंप्यूटरों में सबसे आम प्रकार का इंटरफेस है। एक जीयूआई उपयोगकर्ताओं को उनके डेटा के दृश्य प्रस्तुतीकरण के साथ-साथ दृश्य संकेतों के साथ प्रदान करता है कि इसके साथ कैसे इंटरैक्ट किया जाए। अब वर्तमान में वेब-आधारित इंटरफेस भी अधिक लोकप्रिय हो रहे हैं।

GUI का इतिहास

साल 1963 में MIT में इवान सदरलैंड के नेतृत्व में शोधकर्ताओं के एक समूह द्वारा एक Sketchpad विकसित किया गया था। जिसे ग्राफिकल कंप्यूटर एडेड डिजाइन प्रोग्राम पर आधारित पहला डिवाइस कहा जाता है।

1960 के दशक के अंतिम में, स्टैनफोर्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट में डगलस एंगेलबार्ट के नेतृत्व में पहले ग्राफिकल यूजर इंटरफेस (GUI) का आविष्कार किया गया था। उन्होंने शोधकर्ताओं के समूह के साथ कंप्यूटर डेटा को व्यवस्थित और साझा करने में मदद करने के लिए “On-Line सिस्टम” (NLS) नामक पहला जीयूआई विकसित किया।

एनएलएस प्रणाली में कई विशेषताएं थीं जो अब के यूजर इंटरफ़ेस में भी मौजूद होते हैं। इसमें विंडोज़, स्क्रॉलिंग टेक्स्ट, हाइपरटेक्स्ट लिंक और फ़ाइल प्रबंधन उपकरण शामिल थे। कंप्यूटर के विकास के इतिहास में यह एक सुनहरा दौर था, क्योंकि जीयूआई ने लोगों को कंप्यूटर के साथ इंटरैक्ट करने का एक नया तरीका दिया।

आगे चलकर साल 1980 के दशक की शुरुवात में, एप्पल कंपनी ने अपना पहला पर्सनल कंप्यूटर (एक Macintosh) व्यावसायिक रूप से जारी किया और “इंटरफ़ेस मैनेजर” भी जारी किया, जो प्रोग्रामिंग के लिए एक इंटरफ़ेस था जिसमें आधुनिक GUI की कई विशेषताएं थीं। एप्पल के इस कंप्यूटर के आने के बाद GUI तेजी लोकप्रिय होने लगा।

हालांकि, इसके विंडोज़ में हाइपरटेक्स्ट लिंक और आइकन शामिल नहीं थे जैसे आज के जीयूआई में होते हैं। इसके बाद 1990 में विंडोज 3.0 की रिलीज के साथ माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने अपना GUI आधारित कंप्यूटर पेश किया।

जब आप कंप्यूटर का उपयोग कर रहे होते हैं तो आप स्क्रीन पर GUI देखते हैं। यह डेटा और कमांड का एक ग्राफिकल representation है जिसका उपयोग किसी प्रोग्राम या सिस्टम को नियंत्रित करने के लिए किया जा सकता है। जीयूआई कंप्यूटर को अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल (user-friendly) बनाने में मदद करता है क्योंकि इसमें चित्र, बटन और मेनू होते हैं जिनके साथ आप कंप्यूटर प्रोग्राम के साथ बड़े ही आसानी से इंटरैक्ट कर सकते हैं।

ग्राफिकल यूजर इंटरफेस (GUI) के लाभ

GUI का मुख्य लाभ सुलभता (accessibility) है। जैसा कि कोई भी जीयूआई का उपयोग करना सीख सकता है, जिसकी वजह से अधिक संभावना है कि लोगों को नई तकनीक के बारे में सीखने और उसका उपयोग करने में आसानी होगी। और यह यूजर को विजुअल एलिमेंट मुहैया कराता है। तो आइये जानें इसके लाभ:

  1. GUI प्रयोग करने में आसान है।
  2. GUI यूजर फ्रेंडली है और इसमें कार्य करना ज्यादा सरल है।
  3. डेटा और कार्यों का Graphical representation.
  4. यह कई कमांड टाइप करना व उनको रिमूव करने के बाद पुनः टाइप करने की परेशानी से यूजर को बचाता है।
  5. उपयोगकर्ताओं को कमांड या टेक्स्ट टाइप किए बिना सिस्टम के साथ इंटरैक्ट करने की सुविधा देता है।
  6. GUI कई शब्दों के बदले एक ग्रफिकली स्क्रीन होती है। जिस पर विंडो आइकॉन और 3D बटन शब्दों से ज्यादा सूचनात्मक होते है।
  7. GUI की सहायता से किसी भी चीज को समझना काफी आसान होता है।
  8. ग्राफिकल यूजर इंटरफेस टेक्स्ट-आधारित इंटरफेस की तुलना में अधिक सहज हैं।
  9. GUI में काम तेज रफ़्तार और शुद्धता से होता है।
  10. कमांड लाइन इंटरफेस की तुलना में जीयूआई अधिक आकर्षक है।
  11. अन्य प्रकार के इंटरफेस की तुलना में जीयूआई सीखना आसान है और उपयोग में तेज है।
  12. मल्टीटास्किंग कार्य को आसान बनाता है। क्योकि एक साथ एक से अधिक प्रोग्राम पर नजर रख सकते है।

जीयूआई का उपयोग करने के फायदे (Benefits Of Using GUI)

एक अच्छा GUI लोगों के लिए कंप्यूटर या स्मार्टफोन जैसे किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग करना या सीखना आसान बना देता है। इसका मतलब है की सॉफ्टवेयर का उपयोग करते समय कम प्रशिक्षण और कम त्रुटियां होती है। इसके अलावा, एक अच्छा GUI लोगों को प्रोग्राम के साथ सहज महसूस कराके अधिक उत्पादक (productive) बनने में मदद करता है।

ग्राफिकल यूजर इंटरफेस की कमियां और नुकसान

वास्तव में, जीयूआई के इतने सारे लाभ हैं कि ये आज कंप्यूटर के साथ इंटरैक्ट करने का मानक तरीका बन गया हैं। लेकिन, जीयूआई में कुछ कमियां और नुकसान भी हैं। उदाहरण के लिए, इसे लोड होने में सीएलआई की तुलना में अधिक समय लगता है। और यह महंगा भी होता है।

ऑपरेटिंग सिस्टम प्री-प्रोग्राम्ड सिस्टम सॉफ़्टवेयर होते हैं इसलिए इन्हें अपडेट या बदला नहीं जा सकता है। यानि उपयोगकर्ता अपनी स्क्रीन के डिज़ाइन या लेआउट को किसी भी तरह से नहीं बदल सकते हैं, जो कुछ लोगों के लिए निराशाजनक हो सकता है। तो आइये जानें इसकी कुछ कमियां और नुकसान को।

  1. GUI कंप्यूटर सिस्टम में अधिक RAM, CPU और दूसरे संसाधन प्रयोग करता है।
  2. किसी भी कार्य को पूरा करने के लिए यह अधिक प्रोसेसिंग क्षमता का उपयोग करता है।
  3. बिना GUI वाले ऑपरेटिंग सिस्टम की तुलना में इसकी बूटिंग प्रक्रिया में ज्यादा समय लगता है।
  4. GUI सिस्टम में काम करने के लिए अधिक ऊर्जा का प्रयोग करता है।
  5. GUI पर आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम में corrupt होने समस्या अधिक होती है।
  6. GUI के लिए ज्यादा मेमोरी की आवश्यकता पड़ती है।
  7. जीयूआई आधारित ओएस के विकास (development) में काफी समय लगता है।

GUI और कमांड लाइन इंटरफ़ेस में अंतर

ग्राफिकल यूजर इंटरफेस एक प्रकार का इंटरफेस है जो यूजर को विजुअल आइकॉन और ग्राफिक्स का उपयोग करके कंप्यूटर के साथ इंटरैक्ट करने की अनुमति देता है।

जबकि कमांड लाइन इंटरफ़ेस या सीएलआई वह यूजर इंटरफ़ेस होता है जो उपयोगकर्ताओं को टेक्स्ट में कमांड टाइप करके कंप्यूटर के साथ इंटरैक्ट करने की अनुमति देता है।

GUI आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम

ग्राफिकल यूजर इंटरफ़ेस पर आधारित प्रमुख ऑपरेटिंग सिस्टम के नाम :

हमें जीयूआई की आवश्यकता क्यों है? (Why Do We Need GUI?)

एक कंप्यूटर उपयोगकर्ता को ग्राफिकल यूजर इंटरफेस के माध्यम से कंप्यूटर के साथ इंटरैक्ट करना आसान होता है। इससे वे स्क्रीन पर देख सकते हैं कि वे क्या कर रहे हैं। जीयूआई के बिना, उपयोगकर्ता यह नहीं देख पाएगा कि कंप्यूटर पर क्या हो रहा था।

FAQ

GUI का विस्तृत रूप क्या है?

ग्राफिकल यूजर इंटरफ़ेस, GUI का पूरा नाम है।

जीयूआई का आविष्कार किसने किया?

GUI का अविष्कार करने का श्रेय “एलन के” और “डगलस एंगेलबार्ट” को जाता है इन्होने 1980 के दशक में GUI को विकसित करने में मुख्य योगदान दिया।

पहला जीयूआई ओएस क्या था?

पहल GUI आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम साल 1983 में एप्पल कंपनी ने जारी किया था जिसका नाम Lisa रखा गया था।

GUI का दूसरा नाम क्या है?

GUI को ग्राफिकल यूजर इंटरफ़ेस भी कहते है।

GUI का उपयोग क्या है?

ग्राफिकल यूजर इंटरफेस का उपयोग कंप्यूटर और स्मार्टफोन जैसे दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इंटरफ़ेस के रूप में किया जाता है। और अब इसका इस्तेमाल कार के डैशबोर्ड जैसी दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाले चीजों के लिए भी किया जाने लगा है।

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