वेब ब्राउज़र क्या है? कैसे काम करता है और इसका इतिहास

एक वेब ब्राउज़र उपयोगकर्ता को इंटरनेट इस्तेमाल करने की अनुमति देता है। आज के दौर में यह किसी भी स्मार्टफोन और कंप्यूटर के लिए एक महत्वपूर्ण टूल है क्योकि यह इंटरनेट पर जानकारियां देखने की प्रक्रिया को आसान बनाता है। इंटरनेट पर ढेरो वेब ब्राउज़र उपलब्ध है जिनकी अपनी अपनी विशेषताएं और फायदे है। इसके वजह से जी इंटरनेट पर कीवर्ड्स से सामग्रियां खोजना आसान हुआ है।

कंप्यूटर और इंटरनेट के विकास के साथ साथ वेब ब्राउज़र का भी विकास तेजी से हुआ है। एक अच्छे वेब ब्राउज़र में इंटरनेट ब्राउज़िंग सुविधा के साथ साथ ढेरों विशेषताएं होती है जैसे इतिहास, कुकीज़, सुरक्षा, गोपनीयता, आदि जिन्हे उपयोगकर्ता अपनी जरूरतों के अनुसार इस्तेमाल कर सकता है। तो आइये जाने वेब ब्राउज़र क्या है और इसके इतिहास के बारे में।

वेब ब्राउज़र की परिभाषा

वेब ब्राउज़र एक एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर है जो लोगों को वर्ल्ड वाइड वेब यानि इंटरनेट पर सूचना संसाधनों का उपयोग करने अर्थात वेब पेज देखने की सुविधा देता है। इसके साथ ही यह इंटरनेट पर उपलब्ध सभी जरुरी सेवाओं को इस्तेमाल करने की अनुमति देता है जैसे ईमेल पढ़ने और भेजने, इंटरनेट पर खोज करने, अन्य लोगों के साथ ऑनलाइन चैट करने या ऑनलाइन समाचार पढ़ना, इत्यादि।

यह दूसरे सॉफ्टवेयर की तरह ही एक कंप्यूटर प्रोग्राम होता है जैसे एक वर्ड प्रोसेसर प्रोग्राम लेकिन इसमें टेक्स्ट टाइपिंग करने की जगह में आप एड्रेस बार में यूआरएल पते को टाइप करते है और अलग पेज में जाने के लिए लिंक्स पर क्लिक करते है।

वेब ब्राउज़र का मुख्य कार्य है वेबसाइटों के एचटीएमएल और दूसरे वेब प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कोड को पढ़कर उन्हें अपने विशिष्ट प्रारूप के अनुसार स्क्रीन में प्रदर्शित करना। एक वेब ब्राउज़र स्क्रीन पर वेब पेज तक पहुँचने और प्रदर्हित करने के लिए हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल (http) का उपयोग करता है।

वेब ब्राउजर कैसे काम करता है

एक Web Browser यूजर फ्रेंडली तरीके से हमें इंटरनेट इस्तेमाल करने की सेवा देता है। प्रायः सभी वेब ब्राउज़र में वर्ल्ड वाइड वेब पर सर्वर से जुड़ने के लिए हाइपर टेक्स्ट ट्रान्सफर प्रोटोकॉल यानि HTTP का प्रयोग होता है। HTTP कम्पूटरो में सन्देश आदान प्रदान करने का माध्यम है।

ब्राउज़र के कार्य करने के दो मुख्य भाग होते है। क्लाइंट साइड और सर्वर साइड। जंहा सर्वर साइड में एक ऐसा कंप्यूटर प्रणाली होती है जो वेबसाइट की जानकारियों को संगृहीत रखता है और उसे क्लाइंट तक भेजने का कार्य करता है जबकि क्लाइंट साइड में वेब ब्राउज़र सर्वर से प्राप्त जानकारियों को एक विशिष्ट प्रारूप में स्क्रीन पर प्रदर्शित करता है और उस वेब प्रोग्राम को इस्तेमाल करने की अनुमति देता है।

वेब ब्राउजर का इतिहास

मोज़ेक से लेकर मिक्रॉफ्ट एज तक के वेब ब्राउज़र के सफर में समय के साथ बहुत बदलवा हुए। इसका इतिहास बेहद दिलचस्प है। वेब ब्राउज़र हमें वेब पेज देखने, फाइल डाउनलोड काने और वेबसाइट नेविगेट करने की सुविधा देती है।

दुनिया के पहले वेब सर्वर और वेब ब्राउज़र बनाने श्रेय ब्रिटिश कंप्यूटर वैज्ञानिक टीम बर्नर्स ली को जाता है जिन्होंने CERN संस्था में अपने कार्यकाल के दौरान दुनिया पहला ग्राफिकल ब्राउज़र साल 1990 में बनाया था।

इस ब्राउज़र का नाम वर्ल्डवाइडवेब रखा गया जो की उस वक्त हे हिसाब से इस्तेमाल करने में आसान था और इसका ग्राफिकल इंटरफेस NeXT कंप्यूटर के लिये तैयार किया गया था। इसके कारण ही पहली बार किसी पब्लिक नेटवर्क में डाक्यूमेंट्स के जुड़ने की शुरुवात होने लगी जैसा की आज इंटनेट है।

इसके कुछ सालो बाद पहले वेब ब्राउज़र में से सबसे चर्चित मोजेक ब्राउज़र को बनाया गया जिसे साल 1993 व्यापक रूप से लांच किया गया था। इसे इलिनोइस विश्वविद्यालय में नेशनल सेंटर फॉर सुपरकम्प्युटर ऍप्लिकेशन्स (NCSA) के दो छात्रों मार्क आंद्रेसेन एरिक बिना ने मिलकर बनाया था। इसलिए इसे NCSA Mosaic भी कहा जाता है और ये विंडोज कंप्यूटर पर काम करता था। इसने लोगो लोगो को शुरुवाती वेब पेज, इमेज लाइब्रेरी और चैट रूम जैसी सेवाओं के उपयोग की सुविधा दी।

NCSA Mosaic बनाने के एक साल बाद ही इसके निर्माता एंडरसन ने नेटस्केप नामक संस्था की शुरुवात की और मोज़ेक ब्राउज़र आधारित एडवांस ब्राउज़र नेटस्केप नेविगेटर लोगो के लिये व्यापक रूप से लांच कर दिया। ये अपने समय तक का सबसे लोकप्रिय और सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला वेब ब्राउज़र रहा। इसके बाद ही कंपनियों में वेब ब्राउज़र बनाने को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ने लगी।

वेब ब्राउज़र के प्रकार

आज लगभग सभी प्लेटफॉर्म्स के लिए ढेरों वेब ब्राउज़र उपलब्ध है जिनके अलग अलग विशेषताएं है। इंटरनेट के विकास में वेब ब्राउज़र भी शामिल रहा है। इंटरनेट के शुरुवाती दिनों के वेब ब्राउज़र बहुत ही साधारण और सामान्य विषेताओं वाले होते थे जिनमे ज्यादा खासियतें उपलब्ध नहीं थी।

कंप्यूटर या स्मार्टफोन में इंटरनेट ब्राउज करने के लिए बहुत से वेब ब्राउज़र उपलब्ध है। वर्तमान में उपलब्ध सभी वेब ब्राउज़र का इंटरफ़ेस लगभग मिलता जुलता ही है लेकिन सबकी विभिन्न सुविधाएँ, कार्यक्षमता, प्रदर्शन और खासियतें होती है।

सबसे ज्यादा इस्तेमाल किये जाने वाले है क्रोम, फायरफॉक्स, ओपेरा और सफारी वेब ब्राउज़र। हालाँकि इनके अलावा भी बहुत से वेब ब्राउज़र है तो आइये जाने वेब ब्राउज़र के शुरुवाती दिनों से लेकर अब तक के सबसे चर्चित और लोकप्रिय वेब ब्राउज़र के प्रकारो को।

Netscape Navigator

साल 1994 में नेटस्केप कम्युनिकेशन कारपोरेशन ने दुनिया के शुरुवाती वेब ब्राउज़र में से एक नेटस्केप नेविगेटर के पहले वर्शन को लोगो के सामने रखा। ये ब्राउज़र NCSA मोज़ेक ब्राउज़र पर आधारित था और इसमें पॉप अप ब्लॉकिंग और टैब्ड ब्राउज़िंग जैसी सामान्य सुविधाएं मौजूद थी।

ये ,पहला वेब ब्राउज़र था जिसमे एक साथ कई पेज देखने और एड्रेस बार भी शामिल था जंहा से यूजर यूआरएल टाइप करके अलग अलग वेबसाइट में जा सकते थे।

Internet Explorer

माइक्रोसॉफ्ट ने साल 1995 कंपनी के इंटरनेट एक्सप्लोरर 1.0 को लांच किया जो की देखते ही देखते दुनिया सबसे लोकप्रिय वेब ब्राउज़र बन गया। इंटरनेट एक्स्प्लोरर 1 ही सबसे पहला ब्राउज़र है जिसमे जावा स्क्रिप्ट और ActiveX कंट्रोल्स का सपोर्ट था।

Safari Web browser

साल 2003 में एप्पल कंपनी ने सफारी वेब ब्राउज़र लांच किया जो वर्तमान में अधिकांश सभी प्लेटफार्म के लिए उपलब्ध है।

Firefox

मोज़िला फ़ायरफ़ॉक्स एक ओपन सोर्स ब्राउज़र जिसे मोज़िला फाउंडेशन द्वारा बनाया गया है और इसे पहली बार साल 2004 में लांच किया गया था।

Chrome Web Browser

गूगल क्रोम ब्राउज़र को गूगल कंपनी ने साल 2008 में लांच किया यह भी फ़ायरफ़ॉक्स के जैसे ही ओपन सोर्स फ्री सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट है जिसको एक तेज, सुरक्षित और लोगो के इंटरनेट के अनुभव को मजेदार बनाने के के उद्देश्य से शुरू किया गया था। यह एक क्रोमियम आधारित वेब ब्राउज़र है जिसकी शुरुवात गूगल ने 2007 किया था। यह क्रोमबुक पर भी उपलब्ध है।

ब्राउज़र हिस्ट्री क्या है?

इंटरनेट ब्राउज़र में उपयोगकर्ता की सहूलियत के लिए कइयों खासियतें होती है जिनमें से एक है ब्राउज़र हिस्ट्री जिसमे ब्राउज़र खुद से जानकारियां सहेजते रहता है। ब्राउज़र हिस्ट्री में आपके द्वारा देखी गई सभी वेबसाइटों की सूची होती है। इस सूचि में वेब पेज का शीर्षक, वेबसाइट का आईपी एड्रेस, दिनांक और उनके दिनांक की जानकारी शामिल होती है।

इसका इस्तेमाल आप यह जानने के लिए कर सकते है की आपके मोबाइल या कंप्यूटर के वेब ब्राउज़र को किसी ने इस्तेमाल तो नहीं किया है या आप किन किन वेब साइटों पर गए है।

दुनिया का पहला वेब ब्राउज़र

दुनिया के पहले वेब ब्राउज़र का नाम मोज़ेक रखा गया था जिसे इलिनोइस विश्वविद्यालय के दो छात्रों मार्क आंद्रेसेन और एरिक बिना ने बनाया था। इसे व्यापक रूप से 1993 लांच किया गया था और ये अपने यूजर फ्रेंडली इंटरफ़ेस की वजह से उस वक्त काफी लोकप्रिय हुआ था। हालाँकि मोज़ेक दुनिया का पहला वेब ब्राउज़र नहीं है लेकिन असल मायनो में यूजर फ्रेंडली होने के कारण इसे पहला वेब ब्राउज़र कहा जाता है।

FAQ

वेब ब्राउज़र के उदाहरण क्या है?

वेब ब्राउज़र के कुछ प्रमुख उदहारण है ओपेरा, फ़ायरफ़ॉक्स, सफारी, क्रोम ब्राउज़र, इत्यादि।

सबसे अच्छा ब्राउज़र कौन सा होता है?

दुनिया वैसे तो बहुत से लोकप्रिय वेब ब्राउज़र है जिनको लोग अपनी जरूरतों के अनुसार इस्तेमाल करते है। लेकिन सबसे ज्यादा इस्तेमाल किये जाने वाल ब्राउज़र है क्रोम वेब ब्राउज़र।

भारतीय के वेब ब्राउज़र का नाम क्या है?

भारत में बनाया गया वेब ब्राउज़र का नाम एपिक बब्राउज़र है जो की लगभग 12 भाषाओ और अधिकांश सभी प्लेटफार्म पर उपलब्ध है।

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